

🔴🚨 सहारनपुर में अपराधियों की ‘क्लीन स्वीप’: 48 घंटे में 7 लाख की लूट का खुलासा, 45 लाख की प्रस्तावित लूट विफल — दो मुठभेड़ों में तीन लुटेरे ढेर होकर गिरफ्तार, कुल छह आरोपी पकड़े गए; ₹6.30 लाख नकद, तमंचे, बाइक बरामद — “अब सहारनपुर में अपराधियों की खैर नहीं”: पुलिस का कड़ा संदेश
रिपोर्ट: अलिक सिंह, , सहारनपुर
सहारनपुर में पिछले 48 घंटे अपराधियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे। जिले की फुर्तीली, तेजतर्रार और बेखौफ पुलिस ने वह कर दिखाया जिससे पूरे जनपद में कानून व्यवस्था की नई मिसाल कायम हो गई है—एक तरफ ट्रांसपोर्ट नगर में हुई ₹7 लाख की लूट का ताबड़तोड़ खुलासा, तो दूसरी तरफ 45 लाख रुपये की प्रस्तावित लूट को अंजाम देने की कोशिश कर रहे कुख्यात गिरोह पर पुलिस का सीधा प्रहार। दोनों मामलों में पुलिस ने जिस तरीके से जाल बिछाकर, सटीक खुफिया सूचना जुटाकर, साहसिक मुठभेड़ में मोर्चा संभालकर और फिर संगठित गिरोहों की रीढ़ तोड़ते हुए लगातार कार्रवाई की, उसने साफ संकेत दे दिया है कि सहारनपुर में अब अपराधी किसी भी कीमत पर चैन की साँस नहीं ले पाएंगे। पुलिस की इस दो-टूक, तेज और रणनीतिक कार्रवाई ने न केवल अपराधियों के हौसले पस्त किए हैं, बल्कि आम जनता में भी सुरक्षा और विश्वास की नई भावना को जन्म दिया है।
पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी पहली कार्रवाई जनकपुरी थाना क्षेत्र से जुड़ी है जहाँ ट्रांसपोर्ट नगर के एक कार्यालय में ₹7 लाख की दिनदहाड़े लूट से हड़कंप मच गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए जनकपुरी पुलिस और SOG टीम ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभालते हुए इलाके की घेराबंदी कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस की यह कार्रवाई उस समय निर्णायक रूप से सफल हुई जब मुखबिर से सूचना मिली कि लूट में शामिल आरोपी माहिपुरा तिराहे के पास घने जंगलों में छिपे हुए हैं। पुलिस टीम जैसे ही जंगल की ओर बढ़ी, बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की जिसमें दो कुख्यात लुटेरे—मैनपाल (रुड़की) और इरफान (मेरठ)—गोली लगने से घायल होकर मौके पर ही गिरफ्तार कर लिए गए, जबकि उनका तीसरा साथी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जहाँ उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
मुठभेड़ के बाद जब पुलिस ने मामले की गहराई में जाकर पूछताछ शुरू की तो एक बड़ा खुलासा सामने आया—लूट की इस पूरी साजिश के मास्टरमाइंड वही नहीं थे जो मौके पर पकड़े गए, बल्कि गोदाम के ही दो नौकर रविश और फिरोज इस पूरी वारदात के ‘इनसाइड प्लानर’ थे। उन्हीं दोनों ने गोदाम की दिनचर्या, पैसों की आवाजाही और सुरक्षा प्रणाली की पूरी जानकारी बाहर भेजी थी। पुलिस ने दोनों को बाद में धर दबोचा और उनकी निशानदेही पर ₹6.30 लाख नकद, दो 315 बोर तमंचे, जिंदा–खोखा कारतूस तथा एक सीडी डॉन मोटरसाइकिल बरामद की। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा कि इस लूट का खुलासा यह साबित करता है कि इनसाइड इंफॉर्मेशन पर आधारित किसी भी अपराध की जड़ तक पहुँचकर जिले की पुलिस उसे नेस्तनाबूद करने की क्षमता रखती है।
पहली सफलता ने जहां पुलिस का मनोबल बढ़ाया, वहीं दूसरी तरफ थाना बड़गांव पुलिस और SOG टीम ने जिले में बड़े स्तर पर अपराध करने की तैयारी कर रहे कुख्यात गैंग पर एक और तगड़ा प्रहार किया। जिला मुख्यालय पर यह खबर जैसे ही फैली कि 45 लाख रुपये की प्रस्तावित लूट को अंजाम देने की फिराक में लग रहा कुख्यात अपराधी शाहनवाज़ उर्फ़ भूरा अपने साथियों के साथ खुशीपुर इलाके में घूम रहा है, पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की लेकिन जैसे ही शाहनवाज़ को पुलिस की मौजूदगी का एहसास हुआ, उसने अपनी बाइक मोड़कर तेज गति से भागने की कोशिश की और अचानक पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाही में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी और वह मौके पर गिर पड़ा। शाहनवाज़ कोई साधारण अपराधी नहीं—उसके खिलाफ हत्या, गोकशी, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और पशु क्रूरता जैसे कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। वह पश्चिम यूपी में लूट और आपराधिक गतिविधियों का एक बड़ा चेहरा माना जाता रहा है। उसके साथ आए दो साथी अंधेरे और कच्चे रास्तों का फायदा उठाकर भाग गए जिनकी तलाश में पुलिस ने सघन कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया है। शाहनवाज़ के पास से एक 315 बोर का तमंचा, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि उसके मोबाइल रिकॉर्ड और नेटवर्क की जांच की जा रही है जिससे कई और वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।
इन दोनों बड़े मामलों में पुलिस टीमों ने जो साहस, तत्परता और सटीक रणनीति दिखाई, वह पूरे जिले में सराहना का विषय बन गया। जनकपुरी प्रभारी निरीक्षक प्रविन्द्र पाल, स्वाट प्रभारी सुनील शर्मा, बड़गांव थाना प्रभारी रिंकू सिंह तथा दोनों टीमों के उपनिरीक्षकों, हेड कांस्टेबलों और जवानों ने निर्भीकता से मोर्चा संभाला और लगातार गश्त, खुफिया नेटवर्क और साहसिक मुठभेड़ के जरिए अपराधियों को घुटनों पर ला दिया। पुलिस की इस एकजुट कार्रवाई ने वह संदेश दे दिया है जो अपराधी तत्वों के लिए सीधा खतरे की घंटी की तरह है—कि अब सहारनपुर अपराधियों के लिए सुरक्षित जगह नहीं रही।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध, लूट, हत्या, अवैध हथियार, पशु तस्करी, और गैंगस्टर गतिविधियों में लिप्त किसी भी गिरोह को जिले में पनपने नहीं दिया जाएगा। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ ज़ीरो-टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।
सहारनपुर में हुई इन दो बड़ी कार्रवाइयों ने यह साबित कर दिया है कि जब पुलिस पूरे इरादे, तैयारी और साहस के साथ मैदान में उतरती है, तो बड़े से बड़ा आपराधिक नेटवर्क भी कुछ घंटों में ध्वस्त हो सकता है। जनता भी अब यह महसूस कर रही है कि जिले में कानून का राज मजबूत हो रहा है और पुलिस किसी भी कीमत पर शांति-व्यवस्था को बिगड़ने नहीं देगी। सहारनपुर पुलिस का यह ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ आने वाले दिनों में अपराधियों के लिए खुला चेतावनी संदेश है—अब सहारनपुर में अपराध करने की सोच भी दंड से बचा नहीं पाएगी, क्योंकि पुलिस हर मोर्चे पर तैयार है और न्याय के रास्ते में कोई समझौता नहीं होगा


